अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा अयोध्या में राम मंदिर समारोह के उपलक्ष में 19 जनवरी2024 को एक शाम प्रभु श्री राम के नाम कार्यक्रम का वर्चुअल भव्य आयोजन

राष्ट्रीय महिला संगठन की संस्कृतिसिद्धा आध्यात्म व परंपरा समिति के द्वारा प्रभु श्रीराम लला मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 19 जनवरी 2024 को राष्ट्रीय स्तर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम एक शाम प्रभु श्रीराम के नाम लिया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ महेश वंदना तथा समाज गौरव आत्म बलिदानी श्री कोठारी बंधुओं व श्रीअविनाश माहेश्वरी का माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि प्रदान करते हुए हुआ । राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी द्वारा वर्चुअल प्रांगण में उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजु बांगड़, राष्ट्रीय युवा संगठन के अध्यक्ष श्री शरद सोनी, सम्माननीय संरक्षक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा विशिष्ट विभूतियो, एवं संगठन की सभी बहनों का स्वागत किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजु बांगड ने वर्चुअल प्रांगण में उपस्थित समस्त राम भक्तों का अभिवादन करते हुए आगामी 22 जनवरी 2024 प्राण प्रतिष्ठा समारोह के उपलक्ष में उन्हें बधाई देते हुए कहा 500 वर्षों के लंबे संघर्ष तथा इंतजार के बाद यह सुंदर योग बन रहा है और हमारी पीढ़ी को इस स्वर्णिम पल का साक्षी बनने का अनुपम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। आज हमारे राम जन्मभूमि आंदोलन में समाज के स्वजनों विशेष रूप से परम श्रद्धेय श्री राम कोठारी श्री शरद कोठारी तथा अविनाश महेश्वरी द्वारा दिया गया आत्म बलिदान भी मानो सार्थक हो रहा है। प्रभु श्री राम जिनके व्यक्तित्व में दया सेवा सदाचार कर्तव्यबोध त्याग समर्पण बलिदान जैसे गुणों का समावेश था विषम परिस्थितियों में भी नीति सम्मत रहे और मर्यादा का पालन करते हुए सुखी राम राज्य की स्थापना की ऐसी प्रभु श्री राम को हम अपना रोल मॉडल बनाएं ।

इस खुशी के अवसर पर पांचो अंचल के नेपाल चैप्टर सहित 27 प्रदेशों की भागीदारी रही। इस कार्यक्रम को राम संवाद स्पर्धा के रूप में संदेशात्मक भावनाओं से सजाया गया गया। राष्ट्रीय समिति प्रभारी श्रीमती प्रेमा झंवर ने कार्यक्रम की संरचना पर जानकारी दी। समिति प्रदर्शक निशा जी लड्डा द्वारा संचालन करते हुए सर्वप्रथम आज से 33 वर्ष पूर्व अयोध्या में कोठारी बंधुओ की कार सेवा करते हुए आत्म बलिदान की घटना को दर्शाया गया जिसे देखकर सभी करुणा विव्हल हो गए। सभी अंचल के सह प्रभारी ने कविता के रूप में भगवान राम का वंदन किया।
तत्पश्चात कार्यक्रम में पूर्वांचल से राम -हनुमान, पश्चिमाचंल से राम- केवट,मध्यांचल से राम -जटायु,उत्तरांचल से राम -शबरी, दक्षिणाचंल से राम- विभीषण पर राम के साथ संवाद स्पर्धा नृत्य नाटिका के रुप में किया गया। जिसमें *हनुमान – भक्ति में शक्ति का संदेश, *केवट – जिसने भगवान की क्षमता को समझ लिया। वो केवट की भांति अपने जीवन को सार्थक बनाकर जीवन नैया को भवसागर से पार कर लिया लिया।
। जटायु – महिलाओं का सम्मान और जीव जन्तु के प्रति अनुराग का संदेश
शबरी – समाजिक समरसता का संदेश
विभीषण – सत्य मार्ग पर चलने का संदेश
सभी प्रसंग एक से बढ़कर एक थे। जिसमे उपाधि स्वरूप पुरस्कार दिए गये।
1 – मध्याचंल – राम सिद्धी
2 – पश्चिमाचंल – राम सुवर्णा
3 – दक्षिणाचंल – राम रत्न
4 – उत्तरांचल – राम मणी
5 – पूर्वांचल – राम प्रभा
कार्यक्रम से पांच दिवस पूर्व सभी को निमंत्रण भेजने की श्रृंखला में और बच्चों को अपनी संस्कृति से रुबरु कराने के लिए उन नन्हे बच्चों के ही मुख से राम भजनो के द्वारा निमंत्रण भेजा गया । इस प्रयास को सभी ने बहुत सराहा।
कार्य क्रम में रा.अध्यक्ष मंजू जी बांगड, रा.महामंत्री ज्योति जी राठी युवा संगठन के रा. अध्यक्ष शरद जी सोनी*निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा जी महेश्वरी*सभी रा.पदाधिकारी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष लता जी लाहोटी, गीता जी मूंदड़ा, शोभा जी सादानी, सुशील जी काबरा, संरक्षक रत्नी मां का अमूल्य आशीर्वाद मिला। सभी ने कार्यक्रम की भूरि भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि संपूर्ण कार्यक्रम एक चलचित्र की भांति रामानंद सागर की रामायण की अनुभूति का अहसास करा गया जिसके लिए राष्ट्रीय महिला संगठन सभी नेतृत्वशील बहनों, समस्त प्रतिभागियों एवं आयोजक संस्कृति सिद्धा समिति राष्ट्रीय प्रभारी, प्रदर्शक, सह प्रभारी श्रीमती अंजू जाजू, श्रीमती शोभा लखोटिया, श्रीमती श्यामा तापड़िया, श्रीमती पुष्पा सोमानी, श्रीमती सुलोचना बल्दुआ एवं उनकी टॉप टू बॉटम टीम के प्रत्येक सदस्य को हार्दिक बधाई। कार्यक्रम को टेक्नोलॉजी के माध्यम से सुंदर स्वरूप देकर सफलतापूर्वक प्रस्तुत करने के लिए समिति प्रदर्शक निशा जी लड्ढा का अतिशय धन्यवाद। राष्ट्रीय महामंत्री द्वारा आभार ज्ञापन तथा राष्ट्रगान से कार्यक्रम समाप्त हुआ।

अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत संजीवन

अखिल भारतीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत संजीवन सिद्धा ( स्वास्थ समिति) ने ४ जनवरी2024 को “नेत्रम”, आँखो की उचित देखभाल कैसे की जाए, पर वेबिनार आयोजित किया जिसमें ४५० से अधिक लोगो ने लाभ लिया।
महेश वंदना एव दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का आग़ाज़ राष्ट्रीय मन्त्राणी श्रीमती ज्योतिजी राठी द्वारा किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजूजी बाँगड़ द्वारा स्वागत उद्बोधन व शुभ कामनाये दी गई। उन्होंने कहा कि आंखें शरीर का एक अभिन्न अंग है जिसके बिना जग सूना है इसलिए इस तरह के कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक है। सूत्र संचालन स्वास्थ्य समिति राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती कुंतल तोष्णीवाल ने बखूबी किया। मुख्य वक्ता डॉ अनघा हेरूर ( अनिल eye हॉस्पिटल मुंबई ) का परिचय सह प्रभारी रीना जी राठी ने दिया। मुख्य वक्ता डॉ अनघा जी हेरूर ने आँखो की उचित देखभाल, कांटैक्ट लेंस, मोतिया बिंद का ऑपरेशन कब और कैसे करवाना चाहिए, सिग्नल लाइट के ३ कलर लाल पीला हरे रंग के फ्रूट व सब्ज़ियो का सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने रोबोटिक कैटरेक्ट सर्जरी, मल्टीफोकल लेंस, मायोपिया के कारण व निवारण, डायबिटीज से होने वाले आंखों पर असर, आंखों की एंजियोग्राफी, काला मोतिया, आंखों का प्रेशर आदि बातों पर भी रोशनी डाली व आंखों से संबंधित भ्रांतियों को दूर किया।
एम के इंटरनेशनल आई बैंक की डायरेक्टर,कार्यक्रम अतिथि श्रीमती उमा जी झवर द्वारा eye बैंक व नेत्र दान के बारे में बहुत ही सुंदर जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ कोर्निया से ६ लोगो को लाभान्वित किया जा सकता है। साथ ही नेत्रदान हेतु अखिल भारत का हेल्पलाइन नंबर भी शेयर किया।
कार्यक्रम की सटीक समीक्षा कुंतल जी तोष्णीवाल ने की व सभी से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक नेत्रदान करें जिससे उनकी मृत्यु के बाद भी उनकी आंखें किसी के अंधेरे जीवन में रोशनी भर सके। राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू जी बांगड़ ने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि संक्रांति पर हमारे यहां दान की परंपरा है और नेत्रदान यदि हम करते हैं तो इससे बड़ा कोई दान नहीं है। सभी इस पुण्य कार्य के भागी बनें।
स्वास्थ्य सह प्रभारी डॉ अल्पना लढ़ा , सुजाता राठी, प्रतिभा नत्थानी, व अर्चना तापडिया द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर देकर डॉ अनघा जी ने सभी की जिज्ञासा शांत की। समिति प्रदर्शक श्रीमती मंजूजी हरकुट के आभार ने सभी का दिल जीत लिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई।

अखिल भारतीय महिला सेवा ट्रस्ट की साधारण सभा का आयोजन

दिनांक 20 दिसंबर 2023
प्रथम सत्र में अखिल भारतीय महिला सेवा ट्रस्ट की साधारण सभा का आयोजन किया गया। जिसमें संपूर्ण राष्ट्र से ट्रस्टीगण पधारे थे। नए ट्रस्टियोंका माँ रत्नीदेवी काबरा व गीता जी मूंदड़ा द्वारा स्वागत किया गया। बैठक का संचालन अध्यक्ष ललिता जी मालपानी व सचिव मीना जी सावंल द्वारा किया गया ।
लक्ष्मण रेखा
संचार सिद्धा समिति द्वारा साइबर क्राइम की सतर्कता हेतु नाटिकाओं के माध्यम से कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। समिति प्रभारी भाग्यश्री जी चांडक प्रदर्शक उर्मिला जी कलंत्री व उनके सभी सह प्रभारी ने अत्यधिक मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया। 27 प्रदेशों की प्रदेश संयोजक एवं प्रतिभागी बहनों द्वारा इस कार्यक्रम को एक पिक्चर के रूप में अनूठे अंदाज में प्रस्तुत किया गया। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा जी सादानी द्वारा इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की समीक्षा की गई।
सभी प्रतियोगियों को पुरस्कार व सर्टिफिकेट दिए गए। तीन विभिन्न आयु वर्ग में टेक्नोस्टार ट्रॉफी भी दी गई।
ज्ञानसिद्धा साहित्य समिति द्वारा एक अद्भुत कार्यक्रम काव्य कौशल आंचलिक प्रतियोगिता के माध्यम से साहित्यिक कविताओं की अनोखी अंताक्षरी के रूप में प्रस्तुत किया गया।
समिति प्रभारी अनुराधा जी जाजू समिति प्रदर्शक मंजू जी मानधना व उनकी पूरी टीम ने 27 प्रदेशों की बहनों को 3 माह के अनवरत प्रशिक्षण द्वारा पारंगत कर काव्य स्वरूप नगीनो को तराशा गया और यह चूड़ी पहनने वाले हाथ हर क्षेत्र में माहिर है यह सिद्ध कर दिखाया। इसमें प्रतिभागियों द्वारा बहुत ही सुंदर कविताओं का पाठन भी किया गया। कई राउंड में यह प्रतियोगिता संपन्न हुई जिसके रिजल्ट इस प्रकार रहे..

राष्ट्रीय स्तर पर हृदय रोगों से बचाव हेतु वर्चुअल वेबीनार का सफल आयोजन

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के तत्वाधान में संजीवन सिद्धा स्वास्थ्य समिति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर हृदय रोगों से बचाव हेतु वर्चुअल वेबीनार का सफल आयोजन

मंगलवार 10 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय महिला संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ के नेतृत्व में संजीवन सिद्धा ( स्वास्थ्य समिति) द्वारा “हार्ट अटैक से कैसे बचें “जूम पर राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित गया। जिसमें भारतवर्ष तथा नेपाल से ८५० से अधिक लोगो ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का आग़ाज़ राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योतिजी राठी द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी केंद्रीय व राष्ट्रीय पदाधिकारी, संरक्षक मंडल पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सभी प्रदेश पदाधिकारियों, श्रृंखलाबद्ध संगठन के तहत मौजूद सभी महिलाओं व बाहर से पधारे हुए श्रोताओं का स्वागत किया। महेश वंदना व दीप प्रज्वलन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़, निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती आशा जी माहेश्वरी,राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमति ज्योति जी राठी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण जी लड्डा व राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती ममता जी मोदानी द्वारा किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजूजी बाँगड़ ने स्वागत उद्बोधन देते हुए बताया कि आज के जमाने मे जीवन में तनाव बहुत बढ़ चुके हैं व दिल की बीमारियां लोगों को कम उम्र से परेशान करने लगी है। अनियमित दिनचर्या व असंतुलित खानपान जीवन का हिस्सा बन चुके हैं। ऐसी परिस्थिति में हृदय रोगों पर सेमिनार अत्यंत आवश्यक है। इसी बात को दृष्टिगत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सेमिनार में मुंबई के प्रसिद्ध कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर कपिल जी राठी द्वारा डायबिटीज तथा हृदय रोगों बचाव हेतु जानकारी द्वारा इसका सभी को लाभ मिलेगा ।साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति प्रभारी श्रीमती कुंतल तोषनीवाल ने सदन में हृदय की समस्याओं को समझने हेतु प्रश्न रखे जिनमे कम उम्र में हार्ट अटैक, डायबिटीज मोटापा और ब्लड प्रेशर का हार्ट अटैक से संबंध व कोरोना काल के बाद हृदय संबंधी बीमारियों के कारण संबंधी प्रश्न शामिल किए। सह प्रभारी श्रीमति अर्चना तापड़िया ने डॉक्टर कपिल राठी* का परिचय प्रदान किया। मुख्य वक्ता मुंबई के सेवन हिल्स हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. कपिलजी राठी ने बहुत ही सरल भाषा में सभी प्रश्नो के सटीक उत्तर दिए। पीपीटी व फोटो के जरिए उन्होंने हार्ट अटैक ,ब्लड प्रेशर,मोटापा के कारण, लक्षणों को पहचान कर उनसे निजात पाने के तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया की हमारे स्वास्थ्य के लिए हम स्वयं जिम्मेदार हैं। संतुलित आहार, व्यायाम, व तनाव रहित रहकर हृदय रोगों से निजात पाई जा सकती है। गरिष्ट भोजन से परहेज कर कम से कम 10,000 कदम प्रतिदिन चलना चाहिए। कसरत निहायत ही जरूरी हैं। नींद पूरी करना व समय समय पर जांच भी करवाना आवश्यक है। स्वास्थ्य की अनदेखी करने से काम बिगड़ सकता है। कार्यक्रम की सटीक समीक्षा डॉ अल्पनाजी लढ़ा ने की। सहप्रभारी सुजाता राठी, प्रतिभा नत्थानी, व रीना राठी द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर देकर डॉ कपिलजी ने सभी की जिज्ञासा शांत की। समिति प्रदर्शक श्रीमती मंजूजी हरकुट के आभार ने सभी का दिल जीत लिया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई।

तकनीकी ज्ञान शाला *कवच का सफल आयोजन

महिला संगठन के तत्वाधान में साइबर क्राइम से सुरक्षा हेतु द्वी दिवसीय वर्चुअल तकनीकी ज्ञान शाला *कवच का सफल आयोजन

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत संचार सिद्धा तकनीकी ज्ञान समिति द्वारा ९ और १० सितंबर, २०२३, के रोज कवच कार्यशाला जूम प्रांगण पर आयोजित की गई।
प्रथम दिवस : आराध्य देव भगवान महेश की वंदना के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़, राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति जी राठी, निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती आशा जी माहेश्वरी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण जी लड्ढा, राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती ममता जी मोदानी, राष्ट्रीय समिति प्रदर्शक श्रीमती उर्मिला जी कलंत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति जी राठी द्वारा कार्यक्रम की सफलता हेतू शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू जी बांगड़ द्वारा स्वागतीय उद्बोधन दिया गया। उन्होंने कहा की जीवन में अनुकूलता और प्रतिकूलता दोनों है.. पर आपकी सोच आपकी समझ आपका ज्ञान आपकी सतर्कता कवच के रूप में हर परिस्थिति में आपकी रक्षा करता है अर्थात कवच हमारी सुरक्षा का साधन है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए इस तकनीकी ज्ञानशाला को संचारसिद्धा समिति द्वारा कवच के रूप में चरितार्थ करने का प्रयास किया गया है। एक पुरानी कहावत है सावधानी हटी दुर्घटना घटी- इसी संदेश स्वरूप साइबर अपराधों की लगातार वृद्धि के बीच प्रत्येक को जागरूक करने के उद्देश्य से यह यह दो दिन की कार्यशाला रखी गई है। आजकल अक्सर अनेक किस्से सुनने को मिलते हैं जिसमें साइबर धोखाधड़ी चुटकियों में हो जाती है। इसीलिए अपनी निजी जानकारी pan, आधार , बैंक अकाउंट की डिटेल किसी अनजान व्यक्ति को ना दें। अपना OTP ,UPI, PIN आदि की डिटेल भी सीक्रेट रखे नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है।अतःजानकार बनिए सतर्क रहिए। यह कवच कार्यशाला भी इसी भावना की मूर्त परिणीति है जिसे समाज हित में राष्ट्र द्वारा विशेष रूप से आयोजित किया गया है।
द्वितीय दिवस: आराध्य देव भगवान महेश की वंदना के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़ द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। विशेष अतिथि राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति जी राठी द्वारा कार्यक्रम की सफलता हेतू शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
मुख्य अतिथि अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महासभा के सभापति श्रीमान संदीप जी काबरा द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया।

कवच में पधारे सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा की, यह सभी अपने शब्दों में साईबर सुरक्षा हेतू अपने शब्दोंमें जानकारी दे सभी बहनों में जागरूकता प्रदान करने वाले हैं।
समितिकी जानकारी एवं कार्यशाला का संचालन समिति प्रभारी CA भाग्यश्री चांडक द्वारा दी गई।
कवच द्वारा ४ अलग अलग विषयोंपर प्रकाश डाला गया।
CA विनिताजी डाड (पश्चिमांचल सह प्रभारी) ने लोन के प्रकार, उनमें होनेवाले स्कैम्स, उनसे सम्बन्धित ऐप्स और सावधानियां इस विषय पर जागृकता लाई।
श्रीमती गरिमा जी गट्टानी (उत्तरांचल सह प्रभारी) ने *गूगल सम्बन्धित जानकारी, सोशल मीडिया द्वारा फिशिंग, विशिंग और स्मिशिंग के बारेमें जानकारी देकर सावधानियां किस तरह से रखनी चाहिए, इस बारेमें कहा।
श्रीमती मनीषा जी सोमानी ( पूर्वांचल सह प्रभारी) इन्होंने आधुनिक फ्रॉड किस तरफ से हो रहे है और हमें किस तरह से सतर्क रहना हैं उस की वीडियो के माध्यम से प्रस्तुति दी।
श्रीमती सपनाजी लाहोटी (दक्षिणांचल सह प्रभारी) इन्होंने डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के बारेमें जानकारी दे बहनोंकों सचेत किया की उन्हें किस तरह से सुरक्षित रहना है।
श्रीमती सुशीला जी माहेश्वरी (मध्यांचल सह प्रभारी) ने मॉडरेटर का काम किया, बहनोके प्रश्न वक्ता तक पहुंचाए।
राष्ट्रीय समिति प्रदर्शक श्रीमती उर्मिला जी कलंत्री ने समीक्षा द्वारा सब की प्रशंसा कर पूरी कार्यशाला में दी गई जानकारी को विस्तृत रुप से बताकर बहनों को फिर से एक बार सचेत किया।
प्रथम दिवस, अष्टसिद्घा समिति प्रभारी Dr नम्रताजी बियानी ने खेल खेल में सकारात्मक ऊर्जा को जूम प्रांगण में प्रवाहित किया ।
द्वितीय दिवस, संस्कार सिद्धा समिति प्रभारी श्रीमती अंजली जी तापड़िया ने हास्य योगा द्वारा जूम प्रांगण में मुस्कान बिखेर कर बहनों को तरोताजा कर दिया।
और अंत में राष्ट्रगान के पश्चात इस ज्ञान की पाठशाला को विराम दिया गया।
लाभान्वित संख्या:
प्रथम दिवस :300 जूम और 700 से ज्यादा यू टुयूब फेसबुक के माध्यम से लाभान्वित हुए।

PST ट्रेनिंग प्रोग्राम,गुरुकुल

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत अष्टसिद्धा- व्यक्तित्व विकास व नेतृत्व प्रशिक्षण समिति द्वारा 5 सितंबर,2023- शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर PST ट्रेनिंग प्रोग्राम- गुरुकुल जूम प्रांगण पर आयोजित किया गया।
आराध्य देव भगवान महेश की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति जी राठी द्वारा कार्यक्रम की सफलता हेतू शुभकामनाएं प्रेषित की गई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू जी बांगड़ द्वारा स्वागत उद्बोधन दिया गया।
गुरुकुल में पधारे सभी वक्तागण का स्वागत करते हुए कहा.. शिक्षक दिवस के सुअवसर पर राष्ट्र द्वारा विशेष रूप से आज का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है क्योंकि शिक्षक वह प्रकाश पुंज है जो हमें लक्ष्यो को प्राप्त करने के लिए सही दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है और हमारी अष्ट सिद्धा समिति द्वारा गुरुकुल में इसी भावना को चरितार्थ करने की संयोजना है जिसके लिए संपूर्ण टीम को हार्दिक बधाई। संगठन की बहनों एवं नेतृत्वकर्ताओं के लिए भी सीख देते हुए कहा.हमारी वाणी हमारा व्यवहार और हमारे विचार यह सब हमारे अपने ही उत्पाद हैं इसलिए इनकी गुणवत्ता जितनी ऊंची होगी उतना ही अधिक मान सम्मान मिलेगा क्योंकि संबंधों की मधुरता के लिए संबोधन की मधुरता आवश्यक है।
कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी समिति प्रभारी नम्रता जी बियाणी द्वारा दी गई।
गुरुकुल में प्रमुख वक्ता के रूप में निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष- आशा जी माहेश्वरी ने अध्यक्ष की भूमिका एवं जिम्मेदारी पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष द्वारा एक अच्छी शुरुआत ही आगे की सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है।

अध्यक्ष संगठन के हर सदस्य को साथ लेकर चलने वाला, आलोचना को भी धैर्य पूर्वक सुनने वाला, संगठन की सफलता का श्रेय सभी को बांटने वाला, और विफलता को अपने माथे पर लेने वाला
होना चाहिए। उसमें अपने सदस्यों के साथ मिलकर, किसी भी सभा की योजनाबद्ध तरीके से शुरुआत करके, अपने लक्ष्य तक पहुंचाने की काबिलियत होनी चाहिए।
राष्ट्रीय प्रकल्प- विधान समिति की प्रभारी मंगल जी मर्दा द्वारा कार्य समिति की भूमिका एवं जिम्मेदारी जैसे गूढ़ विषय पर बहुत ही सरलता से प्रकाश डाला गया। कार्य समिति- प्रदेश और राष्ट्र के बीच की बहुत ही महत्वपूर्ण एवं मजबूत कड़ी का काम करते हैं।
ज्यादातर निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष को ही कार्य समिति सदस्य के रूप में चयनित किया जाता है, ताकि तीन वर्षों में अध्यक्ष के रूप में उनके द्वारा संजोई गई अनुभव की पूँजी से वह संगठन को सींच सके।
उनके मुख्य दायित्व हैं कि वे प्रदेश अध्यक्ष व सचिव के साथ मिलकर प्रबंधकीय, सामाजिक एवं आर्थिक कर्तव्यों को निष्ठा पूर्ण ढंग से संपन्न करें। प्रदेश के सदस्यों को प्रोत्साहन व संरक्षण दें
संगठन में एक सौहार्दपूर्ण वातावरण का निर्माण करें, साथ ही अनुशासनात्मक दायित्व को भी निभा सकें।
अष्टसिद्धा समिति प्रदर्शक मधु जी बाहेती द्वारा संगठन में प्रोटोकॉल जैसे जटिल और पेचीदा विषय को बहुत ही सरलता से समझाया गया। किसी भी संगठन को सुचारू पूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए, बनाए गए शिष्टाचार एवं नियमों के समूह से को ही प्रोटोकॉल कहते हैं।
स्थानीय, जिला, प्रादेशिक एवं केंद्रीय संगठनों में प्रोटोकॉल का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रोटोकॉल के प्रमुख घटक हैं- समारोह, सभा या बैठक की पूर्व तैयारी, एजेंडा एवं डायस प्रोटोकॉल, बैठक व्यवस्था।
समिति प्रभारी नम्रता जी बियाणी द्वारा रिपोर्टिंग जैसे अति आवश्यक विषय पर प्रकाश डाला गया। रिपोर्टिंग संगठन द्वारा किए गए कार्यो की पहचान व प्रचार का काम करती है।
रिपोर्ट क्या है, क्यों जरूरी है, कैसे बनाई जाए, कब बनाई जाए, कहां प्रेषित की जाए और इसे बनाने में कौन-कौन सी बातें महत्वपूर्ण हैं, इन सब के बारे में विस्तार से पीपीटी और वीडियो के माध्यम से समझाया गया। इससे सभी प्रदेशों को अपने-अपने कार्यों के उचित मूल्यांकन हेतु मार्गदर्शन मिलेगा।
सभी वक्ताओं के उद्बोधन के पश्चात प्रश्नोत्तरी सेशन रखा गया।
ऑडियंस के प्रश्नों का आदरणीय लता जी लाहोटी, गीता जी मूंदड़ा, आशा जी माहेश्वरी, मंजू जी बांगड़, ज्योति जी राठी, मंगल जी मर्दा, मधु जी बाहेती एवं नम्रता जी बियानी द्वारा उचित समाधान किया गया।
समिति की उत्तरांचल सह प्रभारी डॉ उर्वशी जी साबू द्वारा बहुत ही शानदार एवं कुशल मंच संचालन किया गया।
सभी वक्ताओं के वक्तव्य के मध्य आंचलिक सह प्रभारी- शोभा जी भूतड़ा, माधुरी जी मोदी, अनुजा जी काबरा एवम् रितु जी मूंदड़ा द्वारा बहुत ही रोचक एवं ज्ञानवर्धक एक्टिविटीज भी करवाई गईं।
संगठन मंत्री ममता जी मोदानी द्वारा आभार प्रकट किया गया। और अंत में राष्ट्रगान के पश्चात इस ज्ञान की पाठशाला को विराम दिया गया।
सभी प्रदेश अध्यक्ष एवं उनकी टीम के कुल मिलाकर 370 बहने
जुड़ी थीं।

सत्र के शुभारंभ में ही प्रथम राष्ट्रीय कार्य समिति बैठक “मंगलाचरण” में गोल्डन बुक ऑफ विश्व रिकॉर्ड अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के नाम दर्ज हुआ

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन एक श्रंखला बद्ध संगठन है जिसके अंतर्गत पांच अंचल 27 प्रदेश 300 जिले और 644 स्थानीय संगठन सक्रिय रूप से कार्यरत है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन ने एक ऐसा मेगा प्रोजेक्ट अपनी संकल्प सिद्धा समिति के अंतर्गत लिया “नव हरीतिमा”*- स्वच्छ हवा -हरित – समृद्ध धरा जिसके अंतर्गत दिनांक 29 जुलाई 2023 को एक ही दिन में पूरे भारतवर्ष तथा नेपाल में *औषधीय पौधों का वृक्षारोपण किया।
यह सर्व विदित है की बदलती जीवन शैली और बढ़ते प्रदूषण के कारण पर्यावरण असंतुलित हो गया है। हम प्रकृति से दूर हो गए हैं। और इसका समाधान केवल एक है वृक्षारोपण या पौधा रोपण ताकि पृथ्वी जल वायु व आकाश का हो संरक्षण। इसी श्रृंखला में संगठन ने संपूर्ण भारतवर्ष में विभिन्न शहरों और छोटे-छोटे गांवों में भी एक ही दिन में कुल 2,72,647 औषधीय पौधारोपण (तुलसी, नीम, गिलोय, आंवला, सदाबहार, हल्दी, हरसिंगार, एलोवेरा, अश्वगंधा, बब़ूल ,करी पत्ता नींबू पुदीना अर्जुन आदि )एक रिकॉर्ड लक्ष्य प्राप्त किया। एक ही दिन में यह सर्वाधिक औषधीय पौधे स्कूल हॉस्पिटल वृद्धाश्रम सामाजिक भवन अनाथ आश्रम फैक्ट्री सोसाइटी परिसर आदि में लगाए गए।

इसके लिए गोल्डन बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशिया हेड डॉक्टर मनीष विश्नोई ने स्वयं उपस्थित होकर नासिक में आयोजित 9 -10 अगस्त 2023 की राष्ट्रीय बैठक “मंगलाचरण” में इसकी घोषणा की तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड एवं राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी को यह प्रमाण पत्र प्रदान किया। उन्होंने बताया कि गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्हीं को दिया जाता है कि जो कार्य पहली बार हो रहे हो या बहुत लार्ज स्केल पर हो रहे हो या बहुत यूनिक हो । उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन महिलाओं की सशक्त संस्था है जो कठिन से कठिन लक्ष्य को भी बड़ी सहजता से प्राप्त कर लेती है। उन्होंने बधाई देते हुए कहा संगठन भविष्य में भी इसी तरह के स्वर्णिम कीर्तिमानो को स्थापित करेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू बांगड ने कहा यह संगठन की सामूहिक शक्ति का परिणाम है। त्रयोदश सत्र के घोषवाक्य -“पर उपकार वचन मन काया” को सार्थक करते हुए सभी आंचलिक ,प्रादेशिक, जिला, स्थानीय ,तहसील के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता बहनों ने मिलकर सामूहिक प्रयास किया। विशेष रुप से संकल्प सिद्धा ग्राम विकास व राष्ट्रोदय समिति की प्रभारी भावना जी राठी, प्रदर्शक रेनू जी सारड़ा ,सह प्रभारी -नीतू सोमानी, सुनीता रादंड, श्रद्धा राठी, मंजूषा राठी ,प्रभा चांडक आदि के प्रयास सराहनीय थे तथा मध्यांचल की पदाधिकारी उपाध्यक्ष उर्मिला जी कलंत्री, संयुक्त मंत्री अनीता जी जावदिया पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष कल्पना जी गगरानी की विशेष सहभागिता ।
संपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन में संचार सिद्धा तकनीकी ज्ञान समिति की राष्ट्रीय प्रभारी भाग्यश्री जी चांडक तथा उनकी टीम का अत्यधिक सहयोग प्राप्त हुआ। बड़े प्रदेशों में सर्वाधिक पौधारोपण पूर्वी मध्य प्रदेश द्वारा 31684 हुआ तथा छोटे प्रदेशों में सर्वाधिक पौधारोपण मध्य उत्तर प्रदेश कानपुर द्वारा 15300 हुआ। उक्त कार्यक्रम की सरकार, वन विभाग एवं प्रशासन के सभी अधिकारियों द्वारा अत्यधिक सराहना की गई तथा इस अवसर पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष किरण जी लड्ढा राष्ट्रीय संगठन मंत्री ममता जी मोदानी तथा निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष आशा जी महेश्वरी, स्वागत अध्यक्ष अरुणा जी लड्ढा, स्वागत मंत्री शैलाजी कलंत्री, संरक्षक मंडल- मां रतनी देवी, लता जी लाहोटी, गीता जी मूंदड़ा, विमला जी साबू ,सुशीला जी काबरा , एवं संपूर्ण भारतवर्ष की नेपाल चैप्टर सहित 27 प्रदेशों की अध्यक्ष ,मंत्री ,पदाधिकारी बहने उपस्थित थी। इस प्रकार प्रथम राष्ट्रीय बैठक मंगलाचरण मंगल सफलता का सूचक बनी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति के माध्यम से योग दिवस पर संपूर्ण भारत वर्ष एवं नेपाल में बृहद योग शिविरों का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर” फिट इंडिया ही हिट इंडिया” है की सोच रखते हुए योग प्रचार हेतु अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़ तथा महामंत्री श्रीमती ज्योति जी राठी के आह्वान पर संजीवन सिद्धा स्वास्थ्य समिति के माध्यम से योग शिविर सभी अंचल प्रदेशों जिला तथा स्थानीय स्तर पर शहर और गांव में आयोजित किए गए । समस्त शिविरों में राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने बड़े उत्साह पूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजु बांगड़ ने सभी के सुखद स्वास्थ्य की मंगल कामना करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन जीना जिंदगी की जमा पूंजी है, योग करना, रोग मुक्त रहना सफल जीवन की कुंजी है । अत्यंत हर्ष का विषय है कि हमारे देश के प्रधानमंत्री माननीय श्री मोदी जी के सत प्रयासों से संपूर्ण विश्व योगमय हो गया है । यह अत्यंत सकारात्मक संकेत है । वस्तुतः यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घायु करता है .. शायद इसी तथ्य का परिणाम है कि 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाता है । श्रीमती ज्योति राठी ने कहा स्वस्थ और निरोग बने रहने के लिए योग करना अति आवश्यक है। जिसने योग को अपनाया उसने रोग को हमेशा दूर भगाया ।
समिति प्रदर्शक श्रीमती मंजू हरकुट तथा समिति प्रभारी श्रीमति कुंतल तोषनीवाल ने बताया कि राष्ट्रीय आह्वान के तहत सभी अंचलों, प्रदेशों, जिलो, नगर व स्थानीय संगठनों में बृहद स्तर पर कई दिवसीय योग शिविर आयोजित किए गए जिनकी कुल संख्या 576 है।कुल लाभान्वित व्यक्ति करीब 43326 रहे । एक वीडियो द्वारा संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत भी की जा रही है ।
पूर्वांचल सह प्रभारी श्रीमती अर्चना तापड़िया ने बताया की योग् प्रशिक्षकों द्वारा सभी तरह के योगासन प्राणायाम, हस्त मुद्राएं व योगिक क्रियाएं सिखाई गई । दक्षिणांचल सह प्रभारी डॉक्टर अल्पना लड्ढा के अनुसार हर उम्र के व्यक्तियों के लिए योग, बीमारियों की रोकथाम करने वाला मोटापे से दूर रखने वाला व दूरगामी फायदा देने वाली विधा है । नियमित योग करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म व सभी सूक्ष्म ग्रंथियां सही काम करती है । साथ ही रजोनिवृत्ति के बाद होने वाली दिक्कतों से दूर रहा जा सकता है । उत्तरांचल सह प्रभारी श्रीमती सुजाता राठी के अनुसार हर बीमारी से बचाव हेतु अलग योगासन है व योग मुद्राओं से चित्त शांत रहता है ।
पश्चिमांचल सह प्रभारी श्रीमती रीना राठी ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय आंचलिक,प्रादेशिक, जिला, नगर व स्थानीय संगठनों के पदाधिकारियों ने अपनी अपनी अपनी जगह पर योग शिविरों में शिरकत की । इन शिविरों में सभी उम्र के महिला व पुरुषों ने भाग लिया । छुट्टियां होने की वजह से बच्चों ने भी जोर शोर से भाग लिया । मध्यांचल सह प्रभारी श्रीमती प्रतिभा नथानी ने अवगत कराया की सभी प्रदेशों में कई योग शिविर अनवरत पूरे वर्ष हेतु चल रहे हैं । समिति की कोशिश रहेगी कि इन शिविरों की अवधि और बढ़ाई जाए । इस प्रकार सभी के सामूहिक प्रयासों से योग दिवस के उपलक्ष में शिविरों का आयोजन सफलतम रहा ।

शिवताण्डव स्तोत्र प्रशिक्षण कार्यशाला – राष्ट्रीय आयोजन

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के अन्तर्गत संस्कारसिद्धा – बाल एवं किशोरी विकास समिति द्वारा आयोजित पंचदिवसीय शिवताण्डव स्तोत्र प्रशिक्षण कार्यशाला में बहुत सुंदर प्रतिसाद मिल रहा है।राष्ट्रीय स्तर पे आयोजित इस दिव्य उपक्रम में बालक किशोरियाँ एवं महिलायें कुल मिलाकर 825 साधक सावन माह में लाभान्वित हो रहे हैं। गीता परिवार की वरिष्ठ मार्गदर्शिका गीता पारंगत उपाधि से विभूषित श्रीमती सुवर्णाजी मालपाणी द्वारा सहजता से सरलतापूर्वक, शुध्द उच्चारण एवं व्याकरण के साथ अर्थसहित सुमधुर स्वर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है ।
प्रथम दिवस सन्माननीय अतिथि के रुप में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजूजी बांगड एवं विशेष अतिथि के रुपमें अखिल भारतवर्षीय महासभा के सभापति श्री. संदीपजी काबरा पधारे ।
आ. मंजूजी ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य में कहा कि जो शिवताण्डव स्तोत्र का प्रतिदिन जाप करता है उस व्यक्ति के जीवन में चमत्कारिक बदलाव दिखाई देते हैं। उनका आत्मविश्वास बढ़ता है वाणी की सिध्दी होती है और विभिन्न कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाल्यकाल जीवन की नींव है तो युवाकाल भविष्य है । बाल्यकाल की नींव मजबूत रही और नई पीढ़ी को संवार लिया तो भविष्य संभल गया। बच्चों में, किशोरियों में विज्ञान के साथ संस्कार एवं संस्कृति का संवर्धन, राष्ट्रभक्ति का अंकुरण आजकी आवश्यकता है । यह महत्वपूर्ण विचार रखते हुए संस्कारसिध्दा समिति के कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने शुभकामनाएँ प्रदान की ।
महासभा के सभापति आ.संदीपजी काबराने कहां कि भक्त द्वारा भगवान के लिये लिखित सर्वोत्तम स्तोत्र है शिवताण्डव स्तोत्र। जो भी बहनें, किशोरियां यह स्तोत्र सीख रही हैं वे न केवल सीखें बल्की वे भगवान के प्रति भक्त के भाव को जानें और उस भाव को आत्मसात करें। अंत में आ. संदीपजी ने महिला संगठन के कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा एवं अभिनंदन किया ।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन 9 जुलाई को सन्माननीय अतिथि के रूप में पधारी महिला संगठन की निवर्तमान अध्यक्ष श्रीमती आशाजी माहेश्वरी । उन्होंने बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भारत की होनहार भावी पीढ़ी और भविष्य के कर्णधारों को भारत की संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने हेतु जिस कार्य को हमने लक्ष्य बनाया है वह बहुत महत्वपूर्ण कार्य है । बौद्धिक, आर्थिक विकास के साथ साथ मानसिक एवं नैतिक विकास को ही संस्कार कहा जाता है । गीता परिवार के साथ महिला संगठन द्वादश सत्र से विशेष रुपसे जुड़ा है यह उल्लेखनिय बात है । संस्कृत भाषा का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि संस्कृत को देवभाषा कहा गया है। संस्कृत श्लोकों के उच्चारण एवं उनको कंठस्थ करने से बुध्दि तीव्र होती है , जिह्वा का व्यायाम होता है एवं जिह्वा की कार्यक्षमता बढती है।संस्कारसिद्धा समिति के कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने शुभभावनाएँ प्रेषित की ।
विशेष अतिथि के रूपमें पधारी राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्रीमती ममताजी मोदानी ने संस्कारों की बात करते हुए कहा कि बच्चों को संस्कारित करना बहुत अहम कार्य है । बच्चे अंग्रेजी तो आसानी से बोल लेते हैं लेकिन हिंदी,संस्कृत बोलने में पीछे रह जाते है । हमारे संस्कृति को एवं संस्कृत भाषा को लेकर ही पाश्चात्य देश आगे बढ़ रहे है । हमें अपने देश की उन्नति के लिये बच्चों को अपनी संस्कृति से परिचित करवाना बहुत ज़रूरी है।संस्कारसिद्धा समिति का अभिनंदन करते हुए उन्होंने सनातन धर्म पर भी प्रकाश डाला ।
दिनांक 15 जुलाई के प्रशिक्षण में सन्माननीय अतिथि है पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभाजी सादान एवं कल्पनाजी गगडानी….. 16 जुलाई के प्रशिक्षण वर्ग में सन्माननीय अतिथि रहेंगी राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति जी राठी एवं विशेष अतिथि के रुपमें शोभा बढायेंगी राष्ट्रीय पूर्व अध्यक्ष श्रीमती बिमलाजी साबू ……
दिनांक 31 जुलाई को बाल एवं किशोरियों के लिये शिवशक्ती एक सामर्थ्य यह ज्ञानवर्धक व्याख्यान एवं पार्थिव शिवलिंग ‘पूजन का आयोजन सावन एवं अधिक माह हेतु किया गया है ।
शिवतांडव स्तोत्र प्रशिक्षण आयोजन – नियोजन-संयोजन में संस्कारसिद्धा समिति की राष्ट्रीय प्रदर्शक श्रीमती अनुसूया मालु, राष्ट्रीय प्रभारी श्रीमती अंजली तापड़िया, पूर्वांचल सहप्रभारी श्रीमती चंचल राठी मध्यांचल सहप्रभारी श्रीमती ज्योति बाहेती, उत्तरांचल सहप्रभारी श्रीमती सुमन जाजू, . दक्षिणांचल सहप्रभारी श्रीमती अनुराधा मालपाणी एवं पश्चिमांचल सहप्रभारी श्रीमती हंसा चितलांगिया, कार्यवाहक श्रीमती आभा बेली इन सभीने अथक प्रयास किये तथा प्रदेश अध्यक्ष, सचिव, प्रादेशिक संयोजिका, जिला सह – संयोजिकायें एवं स्थानीय सदस्य सभीका महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है ।

ज्ञानसिद्धा: साहित्य समिति

एक यक्ष प्रश्न:
29 जुलाई 2023 को ज्ञानसिद्धा राष्ट्रीय साहित्य समिति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्चुअल वैचारिक कार्यक्रम एक यक्ष प्रश्न की प्रस्तुति आज सफलता की ऊंचाइयों को छू कर संपन्न हुई |
जूम सभागार में कार्यक्रम आरंभ होने के पहले ही 500 संपूर्ण उपस्थितयां दर्ज हो गई . ये अपने आप में अद्भुत क्षण था |
दीप प्रज्ज्वल एवम् महेश वंदना के पश्चात मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ ने आशीर्वचन देते हुए समिति के प्रथम राष्ट्रीय कार्यक्रम के मंचन की बधाई दी एवं बोली और बोल के महत्व के बारे में बताते हुए कहा वाणी को वीणा बनाएं.. वाण नहीं क्योंकि वीणा बनेगी तो जीवन में संगीत होगा और बाण बनेगी तो रिश्ते बिगड़ जाएंगे।
महामंत्री श्रीमती ज्योतिराठी ने शुभकामना संदेश देते हुए कहा की मीठी बात से कड़वी नीम भी बेची जा सकती है और कड़वी बात से मीठा शहद भी नहीं बिकता है। समिति प्रदर्शक श्रीमती मंजू मानधना द्वारा समिति द्वारा किए जा रहे कार्यां एवं भावी योजनाओं का विवरण दिया |
समिति प्रभारी अनुराधा जाजू के नेतृ ृत्व में ज्ञान सिद्धा की टीम की क्षणिक नाट्य प्रस्तुतियां द्वारा बताया गया कि रिश्तों को बनाए रखने में हमारी बोली, शब्द, बात करने का लहजा बहुत मायने रखता है |
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से वाचन, भावों, शब्दों से रिश्तों की मिठास को बनाए रखने के गुर बताए गए. अनेकों प्रश्न आए. उत्तर बहुत सराहे गये. समय अभाव के कारण सभी उत्तर देना संभव नहीं हो पाया, तब एक स्वर में सुधिजनों द्वारा इसकी पुनः प्रस्तुति करने का प्रस्ताव रखा गया. समिति प्रभारी के कुशल संचालन और सहप्रभारी मंडल अर्चना लाहोटी, सरोज मालपानी, सरोज गट्टानी प्रभा जाजू एवं मीनू झंवर के सहयोग से यह कार्यक्रम अभूतपूर्व रूप से संपन्न हुआ ।
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा
श्रीमती लता जी लाहोटी, गीताजी मूंदड़ा,
बिमलाजी साबू, शोभा जी सादानी, सुशीलाजी काबरा, कल्पनाजी गगरानी, आशाजी माहेश्वरी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष किरणजी लढा सहित कई राष्ट्रीय आंचलिक एवं प्रादेशिक पदाधिकारी उपस्थित थे. दर्शक दीर्घा में समाज के भाई बंधुओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम को टेक्निकल सहायता देकर श्रीमती अंजलि जी तापड़िया, भाग्यश्री जी चांडक एवं सपना जी लाहोटी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
इसकी अपार सफलता के लिए इसमें जुड़े सभी गणमान्य को साधुवाद.
टीम ज्ञानसिद्धा: साहित्य समिति

एक यक्ष प्रश्न:

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के तत्वाधान में युगल सिद्धा गठबंधन समिती ने 12 जून 2023 जूम प्रांगण में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़ की उपस्थिति, नेतृत्व में ऐप की प्रशिक्षण प्रश्नोत्तरी की कार्यशाला ली जिसमे
ऐप का नवीनीकरण किया गया नाम और logo बदल कर
ABMMS युगल सिद्धा गठबंधन का नाम दिया गया। पहले सिर्फ एंड्राइड फोन वाली बहनें इसपर काम कर सकती थी, लेकिन अब आईफोन व लैपटॉप से भी लॉगिन करके यूज कर सकते हैं।
ऐप में लॉगिन के लिए फॉर्म बनाया गया जिसके जरिए 200 बहनों ने फॉर्म भरा। इन सभी बहनों को एप में रजिस्टर करके प्रशिक्षण देने के लिए 5 वीडियो की एक प्रशिक्षण सीरीज बनाई गई जिसमें एप के सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया गया। अभिषेक राठी ने 106 बहनों के प्रश्नों के उत्तर दिए जिससे बहनें संतुष्ट हुई।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजु जी बांगड़ महामंत्री ज्योति जी राठी का शाब्दिक स्वागत समिति प्रदर्शक श्रीमती अनिता जावदिया व समिति प्रभारी श्रीमती शर्मिला राठी ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा आज के दौर में समाज में बच्चों के विवाह संबंधों की समस्या जटिल होती जा रही है जिसके निवारणार्थ टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए ऐप के माध्यम से बच्चों के रिश्ते कराने का प्रयास राष्ट्रीय महिला संगठन के अंतर्गत उक्त समिति द्वारा किया जा रहा है। इसकी जानकारी विवाह योग्य बच्चों के अभिभावक गणों को अवश्य कराएं तथा ज्यादा से ज्यादा समाज के लोग इससे लाभान्वित हो। इसके साथ ही नए सत्र में युगल सिद्धा टीम को नई सोच नई योजना के साथ आगे बढकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया व अपनी शुभकामनाएं दी ।
आभार दक्षिणांचल सह प्रभारी सरिता जी ने दिया। जूम संभाल रही कविता, सुनीता जी का धन्यवाद
रा.प्रदर्शक अनिता जावंदिया
रा. प्रभारी शर्मिला राठी
सह प्रभारी:करुणा माहेश्वरी, वर्षा मूंधड़ा, शांता मंत्री, मधु मोदानी, सरिता तापड़िया

एक यक्ष प्रश्न:

ज्ञानसिद्धा: साहित्य समिति 
एक यक्ष प्रश्न: 
ज्ञानसिद्धा राष्ट्रीय साहित्य समिति द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वैचारिक कार्यक्रम
एक यक्ष प्रश्न की प्रस्तुति आज सफलता की ऊंचाइयों को छू कर संपन्न हुई .
सभागार में कार्यक्रम आरंभ होने के पहले ही 500 संपूर्ण उपस्थितयां दर्ज हो गई. ये अपने आप में अद्भुत क्षण था.
दीप प्रज्ज्वल एवम् महेश वंदना के पश्चात मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष  श्रीमती मंजू बांगड़ ने आशीर्वचन देते हुए समिति के प्रथम राष्ट्रीय कार्यक्रम के मंचन की बधाई दी एवं बोली और बोल के महत्व के बारे में अपने विचार रखे।
महामंत्री श्रीमती ज्योतिराठी* ने शुभकामना संदेश देते हुए कहा की मीठी बात से कड़वी नीम भी बेची जा सकती है और कड़वी बात से मीठा शहद भी नहीं बिकता है। समिति प्रदर्शक श्रीमती मंजू मानधना द्वारा समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं भावी योजनाओं का विवरण दिया ।
समिति प्रभारी अनुराधा जाजू के नेतृत्व में ज्ञान सिद्धा की टीम की क्षणिक नाट्य प्रस्तुतियां द्वारा बताया गया कि रिश्तों को बनाए रखने में हमारी बोली, शब्द, बात करने का लहजा बहुत मायने रखता है.
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से वाचन, भावों, शब्दों से रिश्तों की मिठास को बनाए रखने के गुर बताए गए अनेकों प्रश्न आए. उत्तर बहुत सराहे गये. समय अभाव के कारण सभी उत्तर देना संभव नहीं हो पाया, तब एक स्वर में सुधिजनों द्वारा इसकी पुनः प्रस्तुति करने का प्रस्ताव रखा गया. समिति प्रभारी के कुशल संचालन और सहप्रभारी मंडल अर्चना लाहोटी, सरोज मालपानी, सरोज गट्टानी प्रभा जाजू एवं मीनू झंवर के सहयोग से यह कार्यक्रम अभूतपूर्व रूप से संपन्न हुआ |
कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती लता जी लाहोटी, गीताजी मूंदड़ा, बिमलाजी साबू, शोभा जी सादानी, सुशीलाजी काबरा, कल्पनाजी गगरानी, आशाजी माहेश्वरी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष किरणजी लढा सहित कई राष्ट्रीय, आंचलिक एवं प्रादेशिक पदाधिकारी उपस्थित थे. दर्शक दीर्घा में समाज के भाई बंधुओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम को टेक्निकल सहायता देकर श्रीमती अंजलि तापड़िया, भाग्यश्री जी चांडक एवं सपना जी लाहोटी ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसकी अपार सफलता के लिए इसमें जुड़े सभी गणमान्य को साधुवाद.
टीम ज्ञानसिद्धा: साहित्य समिति

शिवमपंचामृत

27 जून 2023 महेश नवमी के उपलक्ष में अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा राष्ट्रीय समिति संस्कृति सिद्धा के अंतर्गत एक विशेष कार्यक्रम शिवम पंचामृत का आयोजन वर्चुअल सभागार में किया। राम मय त्रयोदश सत्र का यह प्रथम कार्यक्रम था।
कार्यक्रम को सफलता प्रदान करने हेतु हमारे सभी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा सुन्दर शब्दों में शुभकामनाओं के संदेश भेजें। समिति प्रबंधक निशा जी लड्डा एवं समिति प्रभारी प्रेमा जी झवर की कल्पना ने इसे सुंदर रूप प्रदान किया।
भगवान शिव की आराधना और वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय महामंत्री ज्योति राठी द्वारा सचिवीय अभिवादन के साथ कार्यक्रम का संचालन किया।
सभागार में अखिल भारत वर्षीय महासभा के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी अतिथि रूप मेंउपस्थित थे। सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, सभी पूर्व अध्यक्ष, सभी प्रादेशिक पदाधिकारी, संगठन की टॉप टू बॉटम सभी बहने झूम सभागार में उपस्थित थी। समय से पूर्व 1,000 से अधिक बहनों की उपस्थिति कार्यक्रम के सफलता की घोतक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू जी बांगड़ द्वारा सुंदर शब्द सुमनसे सभी का हार्दिक स्वागत किया। महेश नवमी की अग्रिम शुभकामनाओके साथ आपने सारगर्भित उदबोधन दिया। सत्यम शिवम सुंदरम के सुंदर उदाहरण के साथ आपने वि के विभिन्न रूपों को दर्शाया। तकनीकी टीम एवं संस्कृति सिद्धा की पूरी टीम की सराहना करते हुए सभी का अभिनंदन किया।
रामायण पर आधारित दसों समितियों के LOGO का आपने अनावरण किया। जिसकी सभी ने दिल खोलकर प्रशंसा की। 10 समिति के प्रभारियों ने बहुत मेहनत की। आपने नाशिक में होने वाले प्रथम कार्यसमिति बैठक की सूचना भी दी।
हमारे अतिथि राष्ट्रीय युवा संगठन के अध्यक्ष भाई राजकुमार जी काल्या ने अपने उद्बोधन में नवनिर्वाचित टीम को बधाई देते हुए कहा की आने वाले 10 वर्षों में हमारे समाज में कोई भी जरूरतमंद परिवार ना रहे। हमें प्रत्येक जरूरत मंदतक पहुंचना है और समाज को समृद्ध शाली बनाना है।
महासभा के संगठन मंत्री भाई अजय जी काबरा ने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा समय से पूर्व इतनी बहनों का जुड़ना 1,000 से अधिक उपस्थिति कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो सास-ससुर अपने बहुओं को आगे बढ़ा रहे हैं पढ़ा रहे हैं ऐसे व्यक्तियों का हम सम्मान करें।
महासभा के महामंत्री श्री संदीप जी काबरा ने कहा संस्कार निर्माण का कार्य जो होना चाहिए वह विगत कई वर्षों से यह महिला संगठन कर रही है यह प्रशंसनीय है। तीनों संगठन मिलकर अपने पूर्व अध्यक्षों के मार्गदर्शन के तहत कार्ययोजना बनाकर हमें कार्य करना है। महेश नवमी को संकल्प दिवस के रूप में मनाये इन्ही भावनाओं के साथ सभी को महेश नवमी की शुभकामनाएं दी।
राष्ट्रीय महिला संगठन के निवर्तमान अध्यक्ष आदरणीय आशा जी माहेश्वरी ने नवनिर्वाचित टीम को बधाई देते हुए इतने सुंदर आयोजन के लिए सभी की प्रशंसा की। तकनीकी टीम का सहयोग अत्यधिक सराहनीय है व समितियों के कार्य भी श्रेष्ठ है। यह त्रयोदश सत्र उपलब्धियों भरा हो इन्हीं शुभकामनाओं के साथ सभी को महेश नवमी की बधाई दी।
महासभा के सभापति श्रीमान श्याम जी सोनी साहब ने महेश नवमी की पूर्व संध्या पर इतनी बड़ी उपस्थिति के साथ कार्यक्रम का आयोजन अत्याधिक गर्व की बात है। आपदा को अवसर में यदि किसी ने बदला है तो वह महिला संगठन है। महिला संगठन की प्रशंसा करते हुए उन्होंने उस सभी को बधाई दी।
सभी अतिथियों के उद्बोधन के पश्चात संस्कृति सिद्धा समिति की प्रभारी श्रीमती प्रेमा जी झवरने शिव पंचामृत कार्यक्रम की भूमिका सभी के समक्ष रखी। राष्ट्रीय संगठन का आभार माना कि उन्हें यह कार्यक्रम करने का अवसर प्रदान किया।
आगे का संचालन समिति प्रबंधक श्रीमती निशा जी लड्ढा द्वारा किया गया। उन्होंने शिव के प्रति समर्पित अपनी भावनाओं को दर्शाया। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के प्रारंभ में भवानीमंडी के कलाकारों द्वारा बहुत सुंदर शिव पार्वती पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई।
तत्पश्चात शिव पंचामृत की आंचलिक प्रतियोगिता प्रारंभ हुई। सर्वप्रथम पंचस्तुती कार्यक्रम हुआ, तत्पश्चात् पंचावतार और उसके बाद समुद्रमंथन सभी विषय अलग अलग और प्रस्तुतकर्ता भी सम्पूर्ण राष्ट्र से अलग थे किन्तु कार्यक्रम मे पूर्णतः एकरूपता व साम्यजन्स दिखा। आँचलिक स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता के निर्णायक थे श्रीमती मंगलजी मर्दा एवं अनुराधा जी जाजू। आप दोनोने अपना अमूल्य समय देकर इस कठिन कार्य को पूरा किया। समिति के पांचो सहप्रभारी शोभा लाखोटिया, पुष्पा सोमानी, श्यामा तापड़िया, अंजू जाजू, व सुलोचना बल्दुआ द्वारा 12 ज्योतिर्लिंग को सुन्दरता से प्रस्तुत किया।
शिव के प्रत्येक स्वरूप का अलौकिक वर्णन, अंगीकृत किए गए अस्त्र-शस्त्र का वर्णन सभी अतुलनीय था। कार्यक्रम की सफलता में सभी आंचलिक पदाधिकारी व प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री का विशेष योगदान रहा। महामंत्री ज्योति राठी ने सभी का आभार मानते हुए कहा हमारे सभी पूर्व अध्यक्ष आदरणीय गीताजी, लता जी, विमला जी, शोभा जी, सुशीला जी एवं कल्पनाजी आपकी उपस्थिति मात्र से हमारा मनोबल बढ़ जाता है। हमारे सभी अतिथियों का प्रेरणादाई उद्बोधन, शुभकामनाएं व अनुभवों का लाभ हमें मिला। विशेष रूप से आभार व्यक्त किया उन कलाकारों के प्रति जिन्होंने अल्प समय में इतना सुंदर कार्यक्रम दिया। श्रीमती अंजलि जी तापड़िया के सहयोग से एवं गुजरात प्रांत के युवा संगठन के सचिव भाई विशाल होलानी द्वारा हमें zoom का सहयोग मिला। उर्मिला कलंत्री एवं भाग्यश्री चांडक के साथ टेक्निकल टीम का पूरा सहयोग मिला।
सभागार में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया। विजई प्रतियोगियों के पुरस्कार नासिक के बैठक में दिए जाने की घोषणा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित सभी का आभार मानते हुए राष्ट्रगान के साथ सभा समाप्त हुई।
जय श्री राम
रा. अध्यक्ष मंजु बांगड
रा महामंत्री ज्योति राठी

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा “वित्तीय प्रबंधन – 2023 कार्यशाला का सफल आयोजन

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजू बांगड़ व राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी के कुशल नेतृत्व एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती गीता जी मूंगड़ा की प्रेरणा से राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष किरण लड्ढा के प्रयासों द्वारा प्रथम बार त्रयोदश सत्र के शुरुआत मे
अ भा मा महिला संगठन द्वारा 5 मई को वित्तीय प्रबंधन पर जूम एप के माध्यम से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया।
महेश वंदना के बाद सर्वप्रथम रा. कोषाध्यक्ष श्रीमती किरण जी लड्ढा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभी का स्वागत किया तथा वित्तीय प्रबंधन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आयोजन का उद्देश्य बताया।
संगठन की प्रत्येक इकाई की वित्त संबंधित संपूर्ण कार्यप्रणाली कुशलतापूर्वक हो , पारदर्शिता से हो , आपसी सांमजस्यता से हो व up to date हो ।
इसी उद्देश्य हेतु सभी प्रदेशों की अध्यक्ष , मंत्री व कोषाध्यक्ष बहनों के साथ एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
वर्तमान समय मे Online transaction की व्यापकता से बैंक अकाउंट का होना अत्यावश्यक हो गया है ,
यह कार्य सरलता से कैसे हो, तथा साथ ही क्या सावधानियां रखनी होती है ?
इन सभी विषयों की उचित जानकारी अपना अमूल्य समय देकर सूरत निवासी वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट श्री सुरेश जी काबरा ने बहुत ही सरल रूप से दी ।अकाउंट को व्यवस्थित रखने व अर्थ संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी श्री काबरा जी द्वारा बहनों को विस्तार से दी गई।

कार्यक्रम मे उपस्थित रा.अध्यक्ष श्रीमती मंजू जी बांगड़ ने अपनी काव्यात्मक पंक्तियों से सभी का अभिवादन किया और बधाई देते हुए बताया कि वित्तीय प्रबंधन संबंधित जानकारी बहनों का ज्ञान बढाएगी और संगठन की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी। जिस तरह परिवार की उन्नति के लिए सभी सदस्यों का परस्पर एक दूसरे के विचारों को सुनना और मान देना आवश्यक होता है वैसे ही संगठन मे भी आपसी सामंजस्य अति आवश्यक है। बैंक खाते खोलने मे अनेक नियम होने से कुछ बाधाएं आती है लेकिन आज आपको सारे समाधान भी मिलेंगे ।सफलता पाने के लिए कठिनाइयों से गुजरना भी आना चाहिए। दृढ़ निश्चय , मेहनत और श्रद्धा से पद की गरिमा को बढाते हुए कार्य करना चाहिए। संगठन की सभी कोषाध्यक्ष बहने जागरूक रहें अपना दायित्व भली-भांति निभाए और पारदर्शिता रखते हुए संगठन के पूरे आय-व्यय का हिसाब लिखित में रखें।
रा. महामंत्री श्रीमती ज्योति जी राठी ने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जो कदम अब तक नहीं उठाए गए वो इस सत्र मे होना चाहिए । कोषाध्यक्ष का पद संगठन का महत्वपूर्ण पद होता है । पारदर्शिता से काम होने पर पद की व संगठन की विश्वसनीयता बढ़ती है। किसी भी कार्यक्रम से पहले वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ उस कार्यक्रम का अनुमानित बजट बना लेना चाहिए जिससे फालतू खर्चों से बचा जा सके। समाज के सहयोग को सही अर्थ मे लगाना चाहिए । अर्थ बिना सब व्यर्थ है । अर्थ का उपयोग सही अर्थ मे होना चाहिए।
रा. संगठन मंत्री ममता जी मोदानी ने कार्यक्रम के उद्देश्य सफल होने की शुभकामनाएं देते हुए बधाई दी।
पूर्व रा. अध्यक्ष व इस आयोजन की प्रेरक और सहयोगी श्रीमती गीता जी मूँदडा ने कहा कि हम बहनें बजट बनाने और कोष संभालने मे कुदरती पारंगत होती है। बजट हमेशा बड़ा बनाएं , खर्च कम करे , हमेशा लाभ ही होगा।अर्थ सारे संगठन का आधार है। कार्यकर्ता की व संगठन की विश्वसनीयता इसी पर आधारित होती है।
इस तरह सभी के प्रेरक व मार्गदर्शक उद्बोधनों ने इस आयोजन को सफल बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदेश अध्यक्ष , मंत्री व कोषाध्यक्ष बहनों की अधिकतम उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा को भव्य बना दिया।
अंत मे किरण जी लड्ढा ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम का समापन किया ।
धन्यवाद

हनुमान प्राकट्य उत्सव पर प्रभु आराधना के साथ अखिल भारत वर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के त्रयोदश सत्र का शुभारंभ

राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती मंजु बांगड़ एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती ज्योति राठी के नेतृत्व में 6 अप्रैल 2023 को अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के तत्वाधान में हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय महिला संगठन के त्रयोदश राममय सत्र के प्रथम कार्य का आगाज़ बहुत सुंदर एवं हर्षोल्लास से हुआ।

इस दिन नेपाल चैप्टर सहित संपूर्ण भारतवर्ष के पांचों अंचल के 27 प्रदेशों जिलों एवम स्थानीय संगठनों तथा पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक रूप से सुंदरकांड का पाठ पारिवारिक माहौल में व मित्र गणों के साथ कर धार्मिक अनुष्ठान का अनूठा आयोजन किया गया जो अत्याधिक सराहनीय रहा। संस्कृतिसिद्धा अध्यात्म व परंपरा तथा संस्कार सिद्धा बाल व किशोरी विकास समितियों के माध्यम से सर्वत्र सामूहिक रूप से हनुमान जन्म उत्सव मनाया गया जिसमें भजन एवं सुंदरकांड पाठ के साथ कहीं-कहीं हनुमान जी की झांकी कहीं बाल हनुमान के रूप में सजाया गया। हनुमान जी को प्रसाद के रूप में लड्डू चूरमा पेड़ा तरह तरह के फल मिठाईयों आदि का भोग लगाया गया। इसके बहुत सुंदर वीडियो सभी प्रदेशों से चयनित होकर राष्ट्रीय पदाधिकारियों के पास आ चुके हैं जिसे समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस प्रकार श्रंखलाबद्ध संगठन के प्रत्येक स्तर पर बहुत बड़ी संख्या में भव्य रूप में यह आयोजन सभी के सामूहिक प्रयासों से संगठन की सफलता के शुभारंभ का साक्षी बना। इससे पूर्व रामनवमी के अवसर पर नवीन सत्र के राष्ट्रीय आह्वान पर उपकार वचन मन काया के साथ logo का अनावरण भी संपूर्ण राष्ट्र में किया गया।

मंजू बांगड रा. अध्यक्ष
ज्योति राठी रा. महामंत्री