पदाधिकारी

राष्ट्रीय पदाधिकारी- त्रयोदस सत्र

हमारा उद्देश्य – हमारी कार्य योजना

हमारी भारतीय संस्कृति में कहा गया है कि जीवन उसी का सफल है जो मनसा वाचा कर्मणा से परोपकार में प्रवृत्त रहता है क्योंकि परोपकार में परमार्थ की भावना निहित है जो मानवता की सुरक्षा विकास और शांति का साधन है। वही समाज सुख, शांति और विकास के पथ पर आगे बढ़ सकता है जिसके सदस्यों में परस्पर सेवा, त्याग, सदाचार, प्रेम, सौहार्द और सहयोग का व्यवहार हो। ऐसी स्थिति में व्यक्ति में संकीर्ण स्वार्थपरता “मैं” का अस्तित्व नहीं रहता बरन एक संयुक्त भावना “हम” का उदय होता है जो संगठन समाज राष्ट्र के विकास की प्रगति का सोपान बनता है। इसी कल्याणकारी परंपरा से समृद्ध है.. त्रयोदश राममय सत्र का उदघोष “पर उपकार वचन मन काया” जिस को सार्थक करने हेतु दसों समितियों के माध्यम से कार्य योजना बनाई है। प्रत्येक समिति में राष्ट्रीय स्तर पर समिति प्रदर्शक, एक राष्ट्रीय समिति प्रभारी, पांच आंचलिक सह प्रभारी, प्रदेश स्तर पर प्रदेश संयोजिका, जिला स्तर पर सह संयोजिका, स्थानीय में समिति सदस्य —– इस प्रकार श्रृंखलाबद्ध संगठन का लाभ उठाते हुए अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन बाल किशोरी एवं महिलाओं के सर्वांगीण विकास, स्वाबलंबन, सुसंस्कृत परिवार, समृद्ध समाज तथा राष्ट्रहित में कार्य करने को संकल्पबद्ध है जिसमें सभी का सहयोग व मार्गदर्शन सदैव अपेक्षित है।
1.अष्ट सिद्धा व्यक्तित्व विकास व नेतृत्व प्रशिक्षण समिति— श्रृंखलाबद्ध संगठन के तहत सुदृढ़ संगठन की कार्य योजना जन जन तक पहुंचे, संगठन का विस्तार हो, व्यवस्थित संचालन हो -इस बात को दृष्टिगत करते हुए सत्र के प्रारम्भ में ही राष्ट्र से लेकर स्थानीय स्तर तक नेतृत्व प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन जिसमें लीडरशिप ट्रेनिंग प्रोग्राम के जरिए कुशल नेतृत्व एवं टीम मैनेजमेंट पर कार्य करना। संगठन की जानकारी, विधान, कार्यप्रणाली, अनुशासित व्यवस्थित बैठके कैसे हो प्रोटोकॉल, समय प्रबंधन, रिपोर्टिंग, प्रभावी भाषण कला, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, कार्यसमिति, कार्यकारी मंडल को उनके अधिकार व कर्तव्य आदि की जानकारी देकर गागर में सागर भरने का प्रयास करना। मैनेजमेंट गुरु हनुमान जी को आदर्श बनाकर “व्यक्तित्व विकास से बढाए आत्मविश्वास” जैसे पर्सनैलिटी डेवलपमेंट कार्यशालाओ का आयोजन करना जिसमें मोटिवेशनल वक्ताओं के वक्तव्यो द्वारा अनुशासन, सकारात्मक सोच, ऊर्जा का रचनात्मक प्रयोग, प्रबंधन कला आदि विषयों के माध्यम से संतुलित जीवन जीने के गुर सिखाए जाएंगे। अंत में प्रतियोगिता एवं स्टेज शो के माध्यम से वृहद आयोजन किया जाएगा ताकि कार्यकर्ता, प्रशिक्षक महिलाओं की क्षमता और योग्यता को संपूर्णता प्राप्त हो सके।
2. संस्कार सिद्धा बाल एवं किशोरी विकास समिति—- बच्चे ही समाज का आधार होते हैं। संस्कारों की सरिता का प्रवाह बाल्यकाल से ही होना चाहिए क्योंकि उनका बर्तमान सुदृढ़ होगा तभी भविष्य मजबूत बन पाएगा। संस्कारों का नई पीढ़ी को हस्तांतरण इस समिति का मुख्य उद्देश्य होगा। शारीरिक मानसिक विकास हेतु आवश्यक विधाओं का प्रयोग करते हुए उन्हें विकसित करना, कलात्मक प्रतिभा निखार हेतु ऑनलाइन या ऑफलाइन वर्कशॉप का आयोजन, पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद के प्रति रुचि बढ़ाने हेतु प्रत्येक स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित करना। राष्ट्रीयता, देश प्रेम की भावना को प्रबल बनाने हेतु समय-समय पर देश भक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम करना । रामायण भगवतगीता के पठन-पाठन से सनातन संस्कृति, धर्म के प्रति संवर्धन एवं जीवन जीने की कला विषय पर व्याख्यान का आयोजन ।
प्रतिभा निर्माण, चरित्र निर्माण, नैतिक शिक्षा, संस्कार व पारिवारिक मूल्यों को स्थापित करने हेतु बाल संस्कार एवं किशोरियों युवा बेटियों के लिए किशोरी संस्कार शिविरों का आयोजन इस सत्र में प्राथमिकता रहेगी जिसे राष्ट्रीय स्तर पर वृहद रूप से किया जाएगा। बालिकाओं में सामाजिक रहन-सहन के मापदंडों की चर्चा करना, शारीरिक स्वास्थ्य की जागरूकता, गुड टच बैड टच की जानकारी, आत्मरक्षा प्रशिक्षण व कैरियर गाइडेंस मे विशेषज्ञों के माध्यम से उचित मार्गदर्शन देना, टॉक शो आयोजित करना। आज के डिजिटल युग में बच्चों में बढ़ते फोन के प्रयोग पर उचित मार्गदर्शन करना एवं अभिभावकों के लिए काउंसलिंग की सुविधा प्रदान करना समिति के उद्देश्य में निहित होगा । कन्या जन्मोत्सव पर बधाई प्रेषित करते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के माध्यम से शिक्षा, स्वावलंबन प्रशासनिक सेवाओं के लिए प्रोत्साहन का भी प्रयास रहेगा।
3. स्वयं सिद्धा महिला सशक्तिकरण समिति— नारी समाज की वह सशक्त धूरी है जिस पर संपूर्ण समाज का विकास टिका है। नारी सशक्त तो समाज सशक्त… इसी भाव को ध्यान में रखते हुए इस समिति का गठन किया गया है जिसका उद्देश्य महिलाओं का सर्वांगीण विकास कर आत्मविश्वासी व आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करना है। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए समाज की जरूरतमंद बहनों को स्वरोजगार करवाने हेतु सामाजिक ट्रस्टो, बैंकों से लोन लेने हेतु मार्गदर्शन देना, व्यवसाय स्थापित करने तथा बढ़ाने हेतु उचित जानकारी देना, शिक्षा व स्वावलंबन के प्रति प्रोत्साहित करना आदि । श्रंखलाबद्ध संगठन में प्रत्येक स्तर पर वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करना, ट्रेड फेयर ट्रेनिंग, डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग, शोकेस जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा उचित मार्गदर्शन देना। बीमा सुरक्षा बचत योजना के बारे में समझाना। घरेलू हिंसा इत्यादि विषयों से संबंधित कानूनी सलाह एवं सहायता प्रदान करना । महिलाओं के अधिकार उनके कर्तव्य सामाजिक दायित्व जैसे विषयों पर काउंसलिंग देकर सशक्तिकरण के सही मायने स्थापित किए जाएंगे। कामकाजी युवतियों एवं महिलाओं को दूसरे शहर में कार्य करने पर उन्हें उचित आवास हेतु स्थानीय संगठन द्वारा सहयोग करवाया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर उद्योग मेले का आयोजन, माहेश्वरी महिला ई मार्केट का संयोजन कर व्यवसाय का प्रचार प्रसार करना जिससे बहने बनेंगी स्वाबलंबी तथा “मैं हूँ स्वयंसिद्धा’ प्रतियोगिता का आयोजन कर बहनों में प्रतिभा तथा आत्मविश्वास बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
4. ज्ञान सिद्धा साहित्य समिति—- साहित्य समाज का दर्पण होता है अतः यदि समाज का वास्तविक प्रतिबिंब देखना है तो भाषा और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने की नितांत आवश्यकता है। समिति के माध्यम से विविध विधाओं द्वारा माहेश्वरी महिलाओं में भाषा और साहित्य के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाई जाएगी। सामाजिक विषयों में कुरीतियों के बारे में बौद्धिक चेतना जागृत की जाएगी। शिक्षा ज्ञान विवेक की त्रिवेणी को आधार बनाकर लिखित एवं मौखिक अभिव्यक्ति द्वारा जनजागृति विकसित की जाएगी । शास्त्रों में निहित नीति और ज्ञान को विशेषज्ञों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाना एवं सनातन पद्धति और समाज के बीच की दूरी को कम करना भी साहित्य समिति का एक उद्देश्य होगा । डिजिटल पठन और लेखन के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्तर पर “माहेश्वरी महिला लेखनी ब्लॉग” में प्रतिमाह ब्लॉग सदस्यों द्वारा रचनाएं प्रकाशित की जाएंगी। हर सीट हॉट सीट सीजन 2” का आयोजन कर मनोरंजन के माध्यम से साहित्य चेतना का विस्तार होगा। विभिन्न विषयों पर लेखन प्रतियोगिता का आयोजन तथा लेखन विधा पर आधारित कार्यशालाए (राष्ट्रीय स्तर पर) ली जाएगी। काव्य प्रतियोगिता का भी मंचीय आयोजन होगा।
5. संस्कृति सिद्धा अध्यात्म व परंपरा समिति — हमारी परंपराओं का संवर्धन करते हुए अपनी सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक धरोहर का संरक्षण करना समिति का प्रमुख उद्देश्य होगा। संगठन की प्रत्येक श्रंखला के तहत आध्यात्मिक अनुष्ठान, संत प्रवचन, राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक शिविर, धार्मिक यात्राओं का आयोजन किया जाएगा। भारतीय लोक संस्कृति, परंपरा, रीति रिवाज के वास्तविक स्वरूप को वैज्ञानिक तथ्यों द्वारा समझाने के साथ पर्व एवं त्योहार पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, सामूहिक उद्यापन एवं सामूहिक उत्सवो को एकजुटता के साथ मनाने को प्रोत्साहित किया जाएगा। राजस्थान की रंगीली संस्कृति से प्रेरित विविध कार्यक्रमों का संयोजन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर मारवाड़ी गीत प्रतियोगिता का मंचीय कार्यक्रम होगा। सबकी जानकारी हेतु प्रत्येक माह के पर्व त्योहारों का डिजिटल कैलेंडर प्रसारित होगा । धार्मिक प्रश्नोत्तरी, चर्चा परिचर्चा के द्वारा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, धर्म के मूल रूप से जोड़ने का कार्य विशेष रुप से किया जाएगा।
6. रघुकुल रीत सिद्धा पारिवारिक समरसता व परामर्श समिति– परिवार समाज की प्रमुख इकाई होती है अतः एक सुखी परिवार ही सुखी समाज का निर्माण कर सकता है जिसके लिए समिति द्वारा पारिवारिक संरचना के आदर्श स्वरूप के प्रति जागरूकता लाई जाएगी। संयुक्त परिवार की परंपरा को पुनर्स्थापित करने का प्रयास होगा। परिवार जनों के मध्य सामाजिक वैचारिक वित्तीय मतभेद, वैवाहिक संबंध विच्छेद, की समस्या निवारण हेतु विशेषज्ञों के पैनल द्वारा काउंसलिंग की सुविधा का प्रयास किया जाएगा। संतान का विदेश गमन व प्रवास रोकने के लिए पारिवारिक व्यवसाय के प्रति रुचि उत्पन्न करने हेतु उचित मार्गदर्शन के साथ जो नई पीढ़ी अपने परिवार के व्यवसाय में जुड़ रही है उन्हें प्रोत्साहित किया जाए। बड़े बुजुर्गों के लिए रिटायरमेंट प्लान वित्तीय सामाजिक हित में मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। पारिवारिक हित हेतु जारी की गई सरकारी योजनाओं की जानकारी देना एवं वसीयत संपत्ति संबंधी कानूनो की विशेषज्ञों द्वारा जानकारी उपलब्ध कराना । सनातन संस्कारों का निर्वाह करने हेतु परिवार में गर्भ संस्कार, नैतिक संस्कार आदि कार्यक्रमों का आयोजन । समय-समय पर कार्यकर्ता के परिवार का सम्मान बड़े बुजुर्गों का सम्मान कर परिवार की महत्ता का प्रतिपादन । राष्ट्रीय स्तर पर मीटिंगो में संस्कार सुसंस्कृत परिवार, रिश्तो का महत्व, पारिवारिक समरसता विषयक कार्यक्रमों पर नाटक, टॉकशो, स्लाइड शो, चर्चा परिचर्चा, व्याख्यान के माध्यम से मार्गदर्शन करना।
7.संकल्प सिद्धा ग्राम विकास व राष्ट्रोदय समिति— गांव के विकास और उत्थान से ही राष्ट्र का विकास संभव है। इसी भाव की परिपूर्णता समिति के माध्यम से की जाएगी। गांवो में पुनर्वास और पुनर्स्थापन हेतु सहयोग करना। श्रंखला बद्ध संगठन के अंतर्गत प्रदेश जिला स्तर पर एक ही गांव को गोद लेकर वहां सम्यक विकास करना । गांव के सभी सदस्यों को शिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, नव तकनीकी प्रशिक्षण दिलवाना । वहां के लोगों विशेष रुप से माहेश्वरी परिवारों से संपर्क स्थापित करना । उन्हें सरकार व समाज द्वारा प्रदत्त सुविधाओं, जन कल्याणकारी योजनाओं तथा ट्रस्टों की जानकारी देकर लाभान्वित कराना, उनकी समस्या व जरूरतें सुनकर समाधान करवाना। माहेश्वरी समाज के बैनर के माध्यम से काम करके गांवो में माहेश्वरी समाज की पहचान बनाना। लघु कुटीर उद्योगों को सहायता प्रदान करते हुए ग्रामीण हस्तशिल्प को मुखरित कर शहरों से जोड़कर उनकी बिक्री द्वारा वित्तीय व्यवस्था में सहयोग देना। राष्ट्रोदय के अंतर्गत राष्ट्रीय समस्याओं के निवारण के साथ-साथ राष्ट्र के विकास हेतु सभी स्तर पर काम करना विशेष रूप से पंचतत्वो का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। पंचतत्व वायु जल पृथ्वी अग्नि और आकाश से सृष्टि का विकास हुआ है। इन तत्वों को हम प्रक्रति या पर्यावरण भी कह सकते है । जिनके संरक्षण हेतु पर्यावरण बचाओ – प्रदूषण हटाओ, Waste Management Project, जल ईंधन ऊर्जा बचत आदि पर व्याख्यान करवाना, जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, सामाजिक एवं राष्ट्रीय पर्व पर वृक्षारोपण, गौ रक्षा संकल्प और नमामि गंगे परियोजना पर कार्यक्रम करना एवं जन जागरूकता लाना ।
8. संचारसिद्धा तकनीकी ज्ञान समिति— रखे सबको अपडेट वर्तमान तकनीकी युग में शीघ्र काम होने के लिए स्वयं को अपडेट करना अति आवश्यक है। इस समिति के माध्यम से डिजिटल माहेश्वरी समाज का सपना पूर्ण होगा। डिजिटल साक्षरता और प्रशिक्षण हेतु ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्यशाला और कौशल विकास कार्यक्रमों का आयोजन सभी अंचल प्रदेश जिला स्थानीय संगठन में होगा। जिसमें विभिन्न बुनियादी और उपयोगी एप्स का ज्ञान विशेष रूप से साइबर क्राइम व सुरक्षा के बारे में जानकारी देना । सोशल मीडिया के गलत प्रयोग जैसे विषय पर भी जागरूकता जानकारी प्रदान की जाएगी। रिपोर्टिंग का फॉर्मेट प्रदेश, जिला स्थानीय संगठन में एक जैसा कर एक सूत्रता में बांधना । गूगल फॉर्म के जरिए श्रंखलाबद्ध टॉप टू बॉटम सदस्यों का डाटा एकत्रित करना । अधिक से अधिक सदस्यों को संगठन से जोड़ने के लिए ABMMS app में अपनी डिटेल्स को अपडेट करना राष्ट्रीय महिला संगठन की वेबसाइट फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल की जानकारी व प्रचार प्रसार करना । राष्ट्रीय संगठन के प्रत्येक स्तर पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन क्विज का आयोजन करना आदि।
9. युगल सिद्धा गठबंधन समिति— अधिकाधिक माहेश्वरी घरों में शहनाई बजवाना (कम से कम 1000 घरों में), ऐप में नए सत्र के लिए आवश्यक परिवर्तन व नई टीम के लिए ऐप प्रशिक्षण शिविर, राष्ट्रीय स्तर पर अभिभावकों के लिए विशिष्ट युवक-युवतियों का Telegram ग्रुप, ऑन लाइन राष्ट्रीय परिचय सम्मेलन ( फेसबुक या अन्य माध्यम से), ऑनलाइन प्रवासी (NRI) परिचय सम्मेलन (फेसबुक या अन्य माध्यम से), आंचलिक स्तर पर हर 6 माह में एक-एक अंचल से बायोडाटा पुस्तिका का सशुल्क प्रकाशन, प्रादेशिक स्तर पर बड़े सामाजिक कार्यक्रमों में बायोडाटा काउंटर लगाकर ऐप के जरिए मैच करके देना, प्रादेशिक स्तर पर Whatsapp बायोडाटा ग्रुप, युगल सिद्धा पहुंचे गाँव के द्वार – गाँव में रह रहे परिवारों में जागरूकता लाना कि वे रूढ़िवादी मानसिकता त्यागें और समय के साथ अपनी सोच बदलें और गाँव में आ रही बहुओं को आत्म विकास के अवसर दें, जिला स्तर पर जरूरतमंद परिवारों को विवाह के लिए सहयोग (राशि, सामान या अन्य तरीके से), विवाह योग्य युवक युवतियों का मार्गदर्शकों के सानिध्य में दो-तीन दिन का भ्रमण जिससे वे आपस में सम-मानसिकता समझ सकें, अनुभवी लोगों द्वारा टॉक शो, नाटिकाओं व वीडियो द्वारा समाज की ज्वलंत समस्याओं के समाधानों पर प्रकाश डालना |
10. स्वास्थ्य समिति संजीवन सिद्धा — सर्वे भवंतु सुखिनः सर्वे संतु निरामया का भाव रखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत विशेष रूप से महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करेंगे। प्राथमिक चिकित्सा याने फर्स्ट एड शिविर, फूड एंड न्यूट्रिशन, स्वस्थ शरीर हेतु क्या खाएं और क्यों खाएं, पवित्रा कार्यक्रम जिसमें मेंस्ट्रुअल हेल्थ के बारे में बताएंगे, मेनोपॉज के बाद शरीर व मन का कैसे रखें ध्यान | ध्यान से स्वास्थ्य, संगीत से स्वास्थ्य, नृत्य से स्वास्थ्य, ज्योतिष से स्वास्थ्य, स्वच्छता से स्वास्थ्य, योग से स्वास्थ्य, प्राणायाम से स्वास्थ्य आदि कार्यक्रम रखे जाएंगे| देश में मेडिकल बैंको की स्थापना, देश में सेनेटरी नैपकिन डिस्ट्रॉयर मशीन लगाना, विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा वार्ताएं, महिलाओं व बच्चों का हीमोग्लोबिन जांच, बी 12 आदि की जांच, कैंसर पर वार्ता, सही तरीके से हाथ धोने के लिए पोस्टर छपवा कर स्कूलों में लगाना, मेडिकल कैंप, आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स से शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना, ब्रेस्टफीडिंग के फायदे, नेत्र दान, अंग दान के कार्यक्रम करवाना, रक्त दान शिविर लगवाना, मानसिक स्वास्थ्य हेतु सकारात्मक सोच जैसे विषयो पर वार्ता होगी । नेचुरोपैथी चिकित्सा को बढ़ावा देने हेतु 3 से 5 दिवसीय रिहायशी कोर्स रखने का प्रयास रहेगा । समय-समय पर हेल्थ टिप्स मैसेज या शार्ट वीडियो द्वारा प्रेषित किए जाएंगे।
महिला संगठन के स्थायी प्रकल्प —
1. माहेश्वरी महिला पत्रिका – जो कि संगठन का मुखपत्र है रंगीन कलेवर में द्विमासिक प्रकाशित होगा जिसके माध्यम से राष्ट्रीय स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक की सामाजिक गतिविधियों व कार्यक्रमों का प्रकाशन कर अन्य समाज जनों को भी प्रोत्साहित करने का प्रयास होगा।
2. अखिल भारतीय महिला सेवा ट्रस्ट – महिलाओं का महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा बनाया गया ट्रस्ट है जिसमें बालिकाओं महिलाओं को शिक्षा व स्वावलंबन हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है।
प्रस्तावित आगामी घोषणा मुख्य कार्यक्रम—
1. राष्ट्रीय प्रकल्प के रूप में विधान समिति का गठन
2. सामाजिक मंच के माध्यम से प्रतिभाओं का अभिनंदन कर अन्य लोगों को प्रेरणा व प्रोत्साहन
3. राष्ट्रीय स्तर पर निशुल्क सामूहिक विवाह का आयोजन
4. Each one Teach one की तर्ज पर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में (1 साल की फीस देकर ) आर्थिक सहयोग प्रदान करना
5. माहेश्वरी समाज द्वारा संचालित संस्थानों में माहेश्वरी समाज के जरूरतमंद महिलाओं को नौकरी आदि में प्राथमिकता देना।
6. C.A., C.S., Doctor, Advocate, Administrative Services Highly Educated Professional महिलाओं का डाटा संकलन
7. महिलाओं को आर्थिक नीतियों संबंधित नॉलेज के लिए बैंकिंग वर्क शॉप मार्केटिंग वर्कशॉप का आयोजन करना।
इस प्रकार आप सभी के सहयोग से समाज के उत्थान के लिए हम सभी तत्पर व प्रयासरत रहेगे
धन्यवाद ! जय श्री राम !
मंजु बांगड़
राष्ट्रीय अध्यक्ष

समितियां

त्रयोदस सत्र- समिति सदस्य- सूचि

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन के अंतर्गत

व्यक्तित्व विकास एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण समिति और बाल संस्कार एवं किशोरी विकास समिति के अंतर्गत   परवरिश : संस्कार से संसार तक कार्यक्रम का शुभारंभ महेश वंदना से किया गया तत्पश्चात राष्ट्रीय महामंत्री

श्रीमती मंजू जी बांगड़ ने समाज हित में  ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन प्रतिबद्धता हेतु शुभकामना संदेश प्रेषित किया पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती आशा जी माहेश्वरी ने स्वागत उद्बोधन दिया जिसमें उन्होंने उपस्थित अतिथियों को संस्था के कार्यो की जानकारी भी प्रदान की । लायंस क्लब इंटरनेशनल के पास्ट इंटरनेशनल डायरेक्टर लायन श्याम मालपानी जी ने लायंस क्वेस्ट के कार्यक्रमों की जानकारी दी ।उसके पश्चात श्रीमती शोभा जी भूतड़ा ने मुख्य वक्ता लायंस क्वेस्ट की प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुनीता जी मालपानी का परिचय दिया  श्रीमती मालपानी ने बड़े ही सुंदर ढंग से एवं अत्यंत सरल भाषा में परवरिश कैसी होनी चाहिए विषय पर प्रकाश डाला।घर में कुछ नियम बनाए जिन्हे हम भी अपनाए।

बच्चों की कभी भी तुलना ना करें , उनकी labelling भी ना करें और ना ही उनसे किसी काम की जबर्दस्ती करें।

हम बच्चों को कम से कम टोका टाकी करें साथ ही उन्होंने बताया कि  हमारे चेहरे पर हमेशा मुस्कुराहट होनी चाहिए ताकि बच्चे भी बदले में मुस्कुराए जब भी मौका मिले बच्चों की  सराहना करें ,बच्चों के साथ खेलें ,उन्हें कहानी सुनाएं ये कुछ ऐसे टिप्स है जिन को फॉलो कर दादी नानी भी बच्चों के विकास में सहायक बन सकती हैं। उसके पश्चात व्यक्तित्व विकास एवं कार्यकर्ता प्रशिक्षण समिति की राष्ट्रीय प्रभारी जो की लायंस क्वेस्ट कार्यक्रम की नेशनल ट्रेनर भी हैं श्रीमती नम्रता बियानी ने कार्यक्रम की जानकारी प्रदान की बाल संस्कार समिति की ज्योति जी बाहेती एवं नीतू जी सोमानी ने प्रश्न उत्तर पूछ कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया अंत में आभार ज्ञापन का कार्य बाल संस्कार एवं किशोरी विकास समिति की प्रभारी श्रीमती निर्मला जी मारू ने किया। कार्यक्रम का संचालन व्यक्तित्व विकास समिति की उत्तरांचल सह प्रभारी  डॉक्टर उर्वशी जी साबू ने किया।

शंखनाद 2022

सशक्त नारी समृद्ध समाज

राष्ट्रीय अंचल

आसाम

अध्यक्ष: श्रीमती पूनम मालपानी

सचिव: श्रीमती मधु झंवर

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती सरला काबरा

बिहारझारखंड

अध्यक्ष: श्रीमती निर्मला लड्ढ़ा

सचिव: श्रीमती संगीता चितलांगिया

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती उषा माहेश्वरी

कोलकाता

अध्यक्षा: श्रीमती मंजू पेड़ीवाल

सचिव: श्रीमती कुसुम मूँदडा

कार्यसमिति: श्रीमती वर्षा डागा

नेपाल

अध्यक्ष: श्रीमती निशा माहेश्वरी

सचिव: श्रीमती मल्लिका राठी

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती अनीता अट्टल

दक्षिणी राजस्थान

अध्यक्ष : श्रीमती अनिला अजमेरा

सचिव : श्रीमती डॉक्टर सुशीला असावा

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती सरिता न्याती

पश्चिमी राजस्थान

अध्यक्ष : श्रीमती मनीषा मूँदडा

सचिव : श्रीमती रीटा बाहेती

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती उर्मिला तापड़िया

मध्य राजस्थान

अध्यक्ष : श्रीमती शशि लड्ढ़ा

सचिव : श्रीमती मनीषा बागला

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती शांता धूत

पूर्वी राजस्थान

अध्यक्ष : श्रीमती मंजू भराड़िया

सचिव : श्रीमती नीलम तापड़िया

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती कुंती मूँदडा

छत्तीसगढ़

अध्यक्ष: श्रीमती शशि गट्टानी

सचिव: श्रीमती रूपा मूँदडा

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती अमिता मूँदडा

गुजरात

अध्यक्ष: श्रीमती मंजूश्री काबरा

सचिव :श्रीमती कांता मोदानी

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती उमा जाजू

पूर्वी मध्य प्रदेश

अध्यक्ष: श्रीमती रंजना बाहेती

सचिव: श्रीमती राजेश्री राठी

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती शोभा लाहोटी

पश्चिमी मध्य प्रदेश

अध्यक्ष: श्रीमती उषा सोडानी

सचिव: श्रीमती शोभा माहेश्वरी

कार्यसमिति सदस्य: श्रीमती वीणा सोमानी

दिल्ली

अध्यक्ष :श्रीमती श्यामा भांगड़िया

सचिव :श्रीमती लक्ष्मी बाहेती

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती वीणा काबरा

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती आशा रांदड़, दिल्ली

पंजाब/ हरियाणा

अध्यक्ष : श्रीमती सीमा मूँदडा

सचिव :श्रीमती अनु सोमानी

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती पूनम राठी

मध्य उत्तर प्रदेश

अध्यक्ष :श्रीमती सीमा झंवर

सचिव :श्रीमती नीलम मंत्री

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती संतोष बाहेती

पश्चिम उत्तर प्रदेश

अध्यक्ष :श्रीमती मोनिका माहेश्वरी

सचिव :श्रीमती मनीषा राठी

कार्यसमिति सदस्य :श्रीमती विनीता माहेश्वरी

आन्ध्र प्रदेश

अध्यक्षा: श्रीमती रेणू सारडा, हैदराबाद

सचिव: श्रीमती उर्मिला साबू, हैदराबाद

कार्यसमिति: श्रीमती कलावती जाज़ू, हैदराबाद

कर्नाटक

अध्यक्षा: श्रीमती सरोज कासट

सचिव: श्रीमती सुनीता लाहोटी

कार्यसमिति: श्रीमती पुष्पा गिलड़ा

महाराष्ट्र

अध्यक्षा: श्रीमती सुनीता पलोड़

सचिव: श्रीमती सुनीता चरखा 

कार्यसमिति: श्रीमती शांति मूँदडा

कार्यसमिति: श्रीमती अरुणा लड्ढ़ा

कार्यसमिति: श्रीमती मंगला मानधनी

मुंबई

अध्यक्षा: श्रीमती अनीता माहेश्वरी

सचिव: श्रीमती सीमा बागला

कार्यसमिति: श्रीमती सीमा बागला