अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन का द्वादश सत्र

प्रिय बहनों,
सादर जय महेश।

रामचरित मानस की कुछ पंक्तियाँ जो मुझे सदैव आकर्षित करती है &परहित सरिस सम धरम नहीं भाई, पर पीड़ा सम नहीं अधमाई" इस पंक्ति को जितनी बार भी मैं पढ़ती हूँ कि हम समाज सेवा मानव सेवा के माध्यम से जीवन का सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रहे हैं जब हम पराये हित के बारे में सोचकर और पीड़ित मानवता की सेवा कर अपना यह अलौकिक जीवन सिद्ध कर रहे हैं और माध्यम बना है

अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला संगठन। मैं पूरे विश्वास, अधिकार, गर्व के साथ कह सकती हूँ कि राष्ट्रीय संगठन के श्रृंखलाबद्ध संगठनों के माध्यम से सभी संगठनों द्वारा पिछले तीन माह के दौरान जिस शिद्दत, जुनून व् जज़्बे उत्साह के साथ समाज सेवा के कार्य किये गए हैं वे ऐतिहासिक है चाहे वो "नर सेवा नारायण सेवा" ग्राम विकास समिति के अंतर्गत करोना कॉविड 19 वैश्विक महामारी के लिए स्थानीय स्तर पर हमारे संगठनों की बहनों ने पूरे भारत में करीब एक करोड़ की राशि का राशन, भोजन, सैनिटाइजर, मास्क, पी पी एफ, ग्लव्स, डॉक्टर, हॉस्पिटल प्रभावित परिवारों को वितरित किया। राष्ट्रीय पदाधिकारियों, आंचलिक पदाधिकारियों, 27 प्रदेशों के अध्यक्ष व मंत्री राष्ट्रीय कार्यसमिति कार्यकारी मंडल सदस्यों के सम्मिलित प्रयासों से रुपये 11 लाख की सहयोग राशि पी एम फंड में दिए और ₹500000 आपदा सहायता कोष के लिए रखे गए हैं। दो वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं पिछले 10 अप्रैल से लेकर 11 जून तक कार्यकर्ता प्रशिक्षण, मोटिवेशनल कार्यशाला, बाल संस्कार एवं किशोरी विकास समिति द्वारा संस्कार सम्बंधित कार्यक्रम, सखी आत्मनिर्भर योजना प्लेटफार्म, नारी सशक्तिकरण एवं उत्थान समिति द्वारा, ब्लॉग का निर्माण साहित्य समिति द्वारा, गठबंधन ऐप का निर्माण विवाह संबंधी समिति द्वारा, सभी दस समिति द्वारा बढ़-चढ़कर कार्य किए जा रहे हैं। कंप्यूटर समिति द्वारा सभी २७ प्रदेशों की बहनों को लगातार एक महीने तक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कर दिया गया। जूम बैठकों में बहनों की बड़ी संख्या में उपस्थिति एवं सहभागिता सभी अतुलनीय उदहारण हैं जो संगठन के इतिहास में पृष्ठांकित होंगे। अपने परिवारों को सुरक्षित रखकर इस महामारी हम सबको मिलकर हराना है। कर्म द्वारा लक्ष्य प्राप्ति यही हमारा ध्येय वाक्य…..

आपकी अपनी विनम्र
आशा माहेश्वरी , राष्ट्रीय अध्यक्ष

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